लियोनार्डो दा विंची: पुनर्जागरण युग का सार्वभौमिक प्रतिभा

Authors
  • कुशाग्र जैन

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लियोनार्डो दा विंची (1452-1519) का जीवन और कार्य विश्वभर में प्रभावी रहे हैं। वे न केवल एक महान कलाकार थे, बल्कि एक वैज्ञानिक, अभियंता, चिकित्सक और दार्शनिक भी थे। उनकी प्रमुख कृतियाँ, जैसे "मोनालिसा" और "द लास्ट सपर", चित्रकला में अद्वितीय मापदंड स्थापित करती हैं। इसके साथ ही, उनके वैज्ञानिक नोटबुक्स में हवाई जहाज और मानव शरीर के अध्ययन के विशद चित्रण ने भी उनके बहुआयामी योगदान को उजागर किया। लियोनार्डो ने कला और विज्ञान के बीच की सीमाओं को ध्वस्त किया और उनकी स्फुमातो तकनीक ने चित्रकला में क्रांति लाई। उनका जीवन और कार्य यह सिद्ध करता है कि सरलता और शुद्धता में ही असली सौंदर्य छिपा है, और उनके योगदान आज भी इंसानियत के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

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Published
2025-05-31
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Articles
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Copyright (c) 2025 कुशाग्र जैन (Author)

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How to Cite

लियोनार्डो दा विंची: पुनर्जागरण युग का सार्वभौमिक प्रतिभा. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(02), 4-5. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/8

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