भारतीय पत्रिकाओं में कला समीक्षा की भूमिका
- Authors
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कुशाग्र जैन
Author
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- Abstract
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भारतीय कला परिदृश्य में कला समीक्षा की भूमिका बहुआयामी और अनिवार्य है, खासकर विभिन्न पत्रिकाओं में इसकी उपस्थिति के माध्यम से। जबकि इस समीक्षा की प्रकृति और प्रभाव समय के साथ विकसित हुए हैं, इसके मुख्य कार्य कला पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और विकास के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
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- Published
- 2025-06-30
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- Articles
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Copyright (c) 2025 कुशाग्र जैन (Author)

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How to Cite
भारतीय पत्रिकाओं में कला समीक्षा की भूमिका. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(03), 26-29. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/15
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