चित्रकूट की आंचलिक काष्ठ कला का संबर्धन एवं वर्तमान परिदृश्य

Authors
  • धीरेन्द्र कुमार

    Author
Abstract

विंध्य पर्वत श्रेणियों से घिरा चित्रकूट भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे वह अपनी ऐतिहासिक एवं काष्ठ कलात्मक व शिल्प कला की विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र की आंचलिक काष्ठ कला न केवल स्थानीय समाज की पहचान के रूप में जानी जाती है। अपितु इसकी परंपरा धार्मिक आस्था एवं जीवन शैली को भी दिखाती है। चित्रकूट में प्राचीन काल से काष्ठ (लकड़ी) की नक्काशी, मंदिरों की साजसज्जा धार्मिक वस्तुए एवं घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुए काष्ठ कला के माध्यम से तैयार की जाती रही है। वर्तमान समय में काष्ठ कला आधुनिक तकनीक से निर्मित वस्तुओं एवं बदलते बाजार के कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। काष्ठ कलाकार की संख्या में कमी, पारंपरिक ज्ञान की कमी तथा आर्थिक असुरक्षा होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में यह अभी जीवित है और स्थानीय कलाकारों द्वारा बचाने (सहेजने) के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी योजनाए, हस्तशिल्प मेला, प्रशिक्षण शिविर व नई तकनीकियों के माध्यम से इसे वैश्विक मंच देने की जरूरत है। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों एवं शोध छात्रों के द्वारा इस परंपरा को दस्तावेजीकरण कर प्रोत्साहित करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। काष्ठ कला (Wood Art) भारतीय शिल्प परंपरा की एक प्राचीन विधा है, काष्ठ कला का सर्वप्रथम उदाहरण चीन से माना जाता है। २२० ।क में चीन में लकड़ी के ठप्पे बनाकर वुड ब्लॉक प्रिंटिंग मुद्रण प्रारंभ हुआ था। आंचलिक काष्ठ कला, जो चित्रकूट क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का अभिन्न अंग रही है, यक कला न केवल लोक जीवन की रचनात्मकता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण समाज की परंपराओं आस्थाओं और जीवन दृष्टि को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।

इस से यह स्पष्ट होता है कि चित्रकूट की काष्ठ कला में अभी भी अपार संभावनाये हैं, बशर्ते उसे संरक्षण और संवर्धन के समुचित प्रयास मिले वर्तमान में यह काष्ठ कला सीमित दायरे में जीवित है। चित्रकूट के स्थानीय कारीगरों की क्षमता पारंपरिक काष्ठ शिल्प कौशल को प्रोत्साहित किया जाए।

References
Cover Image
Published
2025-09-30
Section
Articles
License

Copyright (c) 2025 धीरेन्द्र कुमार (Author)

Creative Commons License

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial 4.0 International License.

How to Cite

चित्रकूट की आंचलिक काष्ठ कला का संबर्धन एवं वर्तमान परिदृश्य. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(06), 222-229. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/49