डिजिटल युग में ज्वालामुखियों का अध्ययन : एक नवीन दृष्टिकोण

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  • नंदनी फुलवारी

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Abstract

यह शोध पत्र डिजिटल युग में ज्वालामुखियों के अध्ययन के लिए एक नवीन दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है । यह शोध ज्वालामुखी के व्यवहार को जानने के लिए हमारी समझ में सुधार और ज्वालामुखी विस्फोटों की भविष्यवाणी करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है । यह विभिन्न प्रकार के डिजिटल उपकरणों और तकनीक पर प्रकाश डालता है जिसका उपयोग ज्वालामुखी की गतिविधियों को समझने और उसकी निगरानी के लिए किया जा सकता है साथ ही यह ज्वालामुखी के अध्ययन में डिजिटल उपकरणों के अनुप्रयोगों की क्षमता और सीमाओं का भी विश्लेषण करता है।
यह ज्वालामुखियों की निगरानी और विश्लेषण के लिए उपग्रह डाटा संख्यात्मक मॉडलिंग और ड्रोन की उपयोग पर केंद्रित हैं। यह शोध उपग्रह इमेजरी भूकंपीय डाटा भूमि विरूपण माप आदि को मिलाकर एक नया पूर्वानुमान ढांचा विकसित करता है । मुख्यतः यह शोध पत्र डिजिटल युग में ज्वालामुखियों का अध्ययन सरलता से करने व समझने में सहायता करता है । अर्थात यह शोध पत्र विद्यार्थियों एवं वैज्ञानिकों व अन्य समस्त लोगों को डिजिटल युग में उपग्रह चित्रो एवं अनेक तकनीको द्वारा ज्वालामुखी का अध्ययन सरलता से करने में सहायता प्रदान करता है । यह शोध पत्र डिजिटल उपकरणों व तकनीको द्वारा अध्ययन को अत्यंत सरल बनाने पर केंद्रित है।

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Published
2025-09-30
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Copyright (c) 2025 नंदनी फुलवारी (Author)

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How to Cite

डिजिटल युग में ज्वालामुखियों का अध्ययन : एक नवीन दृष्टिकोण. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(06), 207-221. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/48