घर की साज-सज्जा और बालक का सर्वांगीण विकास

Authors
  • स्मृति जैन

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Abstract

घर केवल चार दीवारों और छत से बना एक ढाँचा मात्र नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा जीवंत परिवेश है जहाँ जीवन की बुनियाद रखी जाती है, विशेषकर बच्चों के लिए। जिस वातावरण में एक बालक अपना बचपन व्यतीत करता है, वह उसके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और संज्ञानात्मक विकास पर गहरा और स्थायी प्रभाव डालता है। घर की साज-सज्जा, जिसे अक्सर केवल सौंदर्यशास्त्र तक सीमित माना जाता है, वास्तव में बालक के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह आलेख घर की साज-सज्जा के विभिन्न पहलुओं और उनके बालक के सर्वांगीण विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण करेगा, साथ ही यह भी बताएगा कि कैसे एक विचारशील गृह सज्जा बच्चों के लिए एक पोषणपूर्ण और विकासोन्मुखी वातावरण का निर्माण कर सकती है।

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Published
2025-06-30
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Articles
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Copyright (c) 2025 स्मृति जैन (Author)

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How to Cite

घर की साज-सज्जा और बालक का सर्वांगीण विकास. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(03), 20-25. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/14