फ्रांसिस्को गोया की कृति – 3 मई 1808

Authors
  • भूपत राम

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Abstract

"The Third of May 1808" फ्रांसिस्को गोया द्वारा बनाई गई एक ऐतिहासिक और प्रभावशाली पेंटिंग है, जो स्पेन में 2 मई 1808 को फ्रांसीसी सैनिकों द्वारा किए गए नागरिकों के नरसंहार को चित्रित करती है। इस चित्र में एक व्यक्ति दोनों हाथ उठाकर आत्मसमर्पण करते हुए दिखता है, जो एक बलिदानी प्रतीक के रूप में उभरता है। उसके चारों ओर अन्य नागरिक हैं, जो गोली चलने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि सामने सैनिकों की कतार खड़ी है, जिनका चेहरा नहीं दिखाई देता, जिससे उनकी अमानवीयता बढ़ती है। गोया ने इस चित्र में प्रकाश और छाया का प्रभावी प्रयोग किया है, जो मुख्य पात्र की पीड़ा को उभारता है। रंगों की गंभीरता और सैनिकों की कठोरता इस चित्र में विरोधाभास को व्यक्त करती है। यह चित्र सत्ता की क्रूरता और आम जनता की विवशता को दर्शाता है, और युद्ध की भयावहता पर गहरी सोच उत्पन्न करता है।

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Published
2025-05-31
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How to Cite

फ्रांसिस्को गोया की कृति – 3 मई 1808. (2025). KALAA SAMIKSHA, 1(02), 9. https://kalaasamiksha.in/index.php/ks/article/view/11